एनएच-48 पर ‘लेन ड्राइव’ अभियान बना सुरक्षा और अनुशासन की मिसाल


सड़क हादसों पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था सुधार की दिशा में बड़ा कदम

कोटपूतली-बहरोड़।

राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव और सड़क हादसों को देखते हुए शुरू किया गया “लेन ड्राइव अभियान” अब जिले की सबसे प्रभावी पहल साबित हो रहा है। पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार बिश्नोई की अगुवाई में चलाए जा रहे इस अभियान को परिवहन विभाग, ट्रांसपोर्ट यूनियनों और सामाजिक संगठनों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।

अभियान की पृष्ठभूमि

एनएच-48 दिल्ली-जयपुर मार्ग पर रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। भारी ट्रक और कंटेनरों के बीच अक्सर अव्यवस्थित ट्रैफिक और लापरवाह ड्राइविंग से गंभीर हादसे होते रहे हैं। इन्हीं घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए “लेन ड्राइव सिस्टम” को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सबसे पहले कोटपूतली-बहरोड़ खंड पर लागू किया गया है।

अब तक की प्रमुख कार्यवाहियां

– हाइवे पर जगह-जगह लेन ड्राइव साइन बोर्ड और फ्लेक्स लगाए गए।

– पुलिस टीमों ने लगातार वाहन चालकों को रोककर जागरूक किया और नियमों की जानकारी दी।

– चालकों को समझाया गया कि लेन अनुशासन का पालन करना स्वयं की सुरक्षा और दूसरों की जान बचाने का उपाय है।

– ट्रक, बस और ट्रांसपोर्ट यूनियन के चालकों की विशेष मीटिंग लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।

– सोशल मीडिया पर भी वीडियो, पोस्टर और स्लोगन अभियान चलाया गया।

जागरूकता गतिविधियां

स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम : निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण और नुक्कड़ नाटक से युवाओं को जोड़ा गया।

परिवहन कंपनियों और यूनियनों में संवाद : चालकों को नशे में गाड़ी नहीं चलाने और लेन में रहने की शपथ दिलाई गई।

ऑनलाइन कैम्पेन : #LaneDriveKotputliBehror हैशटैग से युवाओं ने वीडियो और स्लोगन साझा किए।

अधिकारियों की सक्रियता : एसपी देवेन्द्र कुमार बिश्नोई और एएसपी वैभव शर्मा खुद सड़क पर उतरकर आमजन से जुड़े।

अभियान का असर

– अभियान शुरू होने के बाद एनएच-48 पर ट्रैफिक पहले से ज्यादा अनुशासित दिख रहा है।

– कई चालकों ने इसे हादसे रोकने का असरदार कदम माना है।

– ट्रक और बस ऑपरेटर यूनियन ने पुलिस का साथ देने का भरोसा दिलाया है।

– आमजन का कहना है कि लेन ड्राइव से हाइवे पर चलना पहले से ज्यादा सुरक्षित लगने लगा है।

आगे की योजनाएं

– हर सप्ताह मनाया जाएगा ‘लेन ड्राइव दिवस’।

– गांवों और कस्बों में भी विशेष जागरूकता शिविर आयोजित होंगे।

– हाइवे पर CCTV और ई-चालान व्यवस्था और अधिक सख्त की जाएगी।

– महिला और युवा स्वयंसेवकों को अभियान से जोड़ा जाएगा।

️ अधिकारी का संदेश

> “लेन ड्राइव केवल यातायात का नियम नहीं, बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। यदि हर नागरिक इसे गंभीरता से अपनाए तो सड़क हादसों में आधी से ज्यादा कमी लाई जा सकती है। हमारा लक्ष्य है कि कोटपूतली-बहरोड़ जिला पूरे राजस्थान में लेन अनुशासन का आदर्श बने।”
देवेन्द्र कुमार बिश्नोई, पुलिस अधीक्षक कोटपूतली-बहरोड़

REPOPT -SEETARAM GUPTA (KOTPUTLI)