मरुधर हिंद न्यूज (रमेशचंद्र) नीमराना उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सासेडी में कार्यरत अध्यापिका सुशीला यादव ने समाज में एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने अब तक 22 बार रक्तदान कर महिलाओं के लिए रक्तदान के क्षेत्र में प्रेरणा स्रोत बनकर समाज के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत किया है। सुशीला यादव ने रक्तदान को लेकर महिलाओं में व्याप्त संकोच की धारणा को तोड़ते हुए यह साबित किया कि रक्तदान न सिर्फ जीवन बचाता है, बल्कि नई सोच भी गढ़ता है। वे राष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी रह चुकी हैं और वर्तमान में वे न सिर्फ शैक्षणिक गतिविधियों में, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। रक्तदान और सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए सुशीला यादव को जिला एवं उपखंड स्तर पर कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनके पति अरुण यादव भी समाजसेवी और नियमित रक्तदाता हैं, जिन्होंने अब तक 35 बार रक्तदान कर समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण पेश किया है।

शिक्षक बनने से पहले सुशीला यादव ने देश सेवा को प्राथमिकता दी और CISF में सब इंस्पेक्टर के पद पर चयनित हुईं। वर्ष 2012 में राजस्थान शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में उनकी पहली नियुक्ति राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय माजरी कलां में हुई। शिक्षक दिवस के अवसर पर सुशीला यादव का व्यक्तित्व न सिर्फ शिक्षा जगत, बल्कि पूरे समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत करता है। उनकी प्रेरणादायी कहानी अन्य लोगों को भी रक्तदान और सामाजिक कार्यों में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी ।






