मरुधर हिंद न्यूज (रमेशचंद्र) नीमराना, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार, राज्य कार्यालय जयपुर द्वारा संचालित हनी मिशन के अंतर्गत 10 दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम के 20 प्रशिक्षुओं को बुधवार को नीमराना (अलवर) स्थित वैदिक पुष्प रस नेचुरल हनी प्लांट की शैक्षणिक एक्सपोज़र विज़िट करवाई गई।

यह विज़िट युवा जागृति संस्थान, बानसूर (चंदवाली रोड, प्रभु भवन) द्वारा आयोजित प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। विज़िट के दौरान प्रशिक्षुओं को प्राकृतिक शहद उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया का लाइव डेमो दिखाया गया। विशेषज्ञों ने अजवाइन, सौफ़, सरसों क्रीम और मल्टी-फ्लोरा के शहद बनाने की वैज्ञानिक विधियाँ विस्तार से समझाईं।

प्लांट संचालकों ने बताया कि यहाँ शहद सीधे छत्तों से निकालकर बिना गर्म किए और बिना किसी रासायनिक प्रसंस्करण के भरा जाता है, जिससे शहद के एंज़ाइम, एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं। विशेषज्ञों ने मधुमक्खी की प्रमुख प्रजातियों-एपिस मेलिफेरा और एपिस सेरेना (देसी) – के बीच अंतर बताते हुए समझाया कि देसी मधुमक्खी का शहद आयुर्वेद में औषधीय उपयोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
साथ ही उन्होंने बताया कि मधुमक्खी पालन से प्राप्त बी वैक्स, रॉयल जेली, बी पोलन, प्रोपोलिस और मधुमोम जैसी वस्तुएँ दवाइयों, कॉस्मेटिक्स व हर्बल उद्योग में बड़ी मात्रा में उपयोग होती हैं।
युवा जागृति संस्थान के सीईओ डॉ. गोकुलचंद सैनी ने कहा कि इस विज़िट का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक अनुभव देना, आधुनिक तकनीकों से जोड़ना और उन्हें भविष्य में अपना स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है, जिससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलता है।

प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागि
हेमंत कुमार सैनी, राकेश कुमार सैनी, कैलाश चंद सैनी,महेंद्र कुमार, विजयपाल यादव, मुकेश कुमार सैनी, नितीश यादव, नरेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, सोमवीर सिंह, हेमंत, कृष्णानंद सिंह चौहान, नरेश सिंह, टिल्लू सिंह, अंकुर, विजय कुमार, अनिल कुमार, भीम सिंह सैनी, विपिन शर्मा, राहुल शर्मा आदि उपस्थित हुए।








