मुंडावर में पत्रकार की तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली बेटी के अपहरण का प्रयास, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

मरुधर हिंद न्यूज (रमेशचंद) मुंडावर, 8 जुलाई — कस्बे के प्रतिष्ठित S.R.R स्कूल से पढ़ाई कर घर लौट रही तीसरी कक्षा की छात्रा देविका, जो स्थानीय पत्रकार देवराज मीणा की पुत्री है, का दिनदहाड़े अपहरण करने की कोशिश की गई। पीड़ित परिवार ने इस मामले में मुंडावर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पत्रकार देवराज मीणा ने बताया कि सोमवार दोपहर स्कूल की ओर से भेजे गए निजी टेंपो में देविका को घर छोड़ा जा रहा था। लेकिन घर से करीब 200 मीटर पहले ही चालक ने उसे रास्ते में उतार दिया। इसी दौरान दो स्कूटी सवार युवकों ने छात्रा को जबरन ले जाने की कोशिश की। लेकिन देविका ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया, जिससे घबराकर आरोपी उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए।

छात्रा किसी तरह दौड़ते हुए घर पहुंची और पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। इसके बाद पत्रकार देवराज मीणा तुरंत मुंडावर थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दी। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने अब तक इस मामले में न तो कोई ठोस कार्रवाई की और न ही क्षेत्र में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर कोई सतर्कता दिखाई गई।

देवराज मीणा ने कहा, “हम मीडिया से जुड़े लोग हैं, जिन्हें समाज का चौथा स्तंभ कहा जाता है। यदि हमारी शिकायत पर भी पुलिस इस तरह की उदासीनता बरतती है तो आम जनता की सुनवाई की क्या स्थिति होगी? मेरी बेटी के साथ हुई इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।”

मामले में चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि जब स्कूल प्रबंधन से विद्यालय का पूरा नाम पूछा गया, तो संचालक विक्रम खुद स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। उन्होंने कहा, “हम तो 20 साल से इसी नाम से स्कूल चला रहे हैं – एस.आर.आर स्कूल। इसका पूरा नाम क्या है, यह मुझे भी नहीं पता। पहले मेरे जीजा स्कूल चलाते थे, अब मैं देख रहा हूं।”

इस लापरवाही से स्कूल प्रबंधन की प्रशासनिक स्थिति और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।यह मामला ना केवल एक मासूम बच्ची की सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि शिक्षा संस्थानों और पुलिस तंत्र की कार्यशैली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग को चाहिए कि मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई करे तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्कूल व पुलिस दोनों को जवाबदेह बनाया जाए।