विश्व मात्स्यिकी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

जयपुर, 21 नवंबर। पशुधन भवन परिसर स्थित मत्स्य चेतना केंद्र में शुक्रवार को सहायक निदेशक मत्स्य द्वारा विश्व मात्स्यिकी दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें मत्स्य क्षेत्र से जुड़े लगभग 25 लोगों ने भाग लिया।

मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक डॉ. प्रेम सिंह प्रजापत ने बताया कि यह दिवस प्रतिवर्ष 21 नवंबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मत्स्य संसाधनों के संरक्षण, सतत मत्स्य प्रबंधन, अन्तस्थलीय जल पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा, मछुआरा समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण तथा ब्लू इकॉनमी के महत्व को रेखांकित करना है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर करोड़ों लोग प्रोटीन के प्रमुख स्रोत के रूप में मछली पर निर्भर हैं और मत्स्य क्षेत्र वैश्विक खाद्य सुरक्षा एवं रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है तथा प्रमुख झींगा निर्यातकों में शामिल है। भारत विश्व के कुल मत्स्य उत्पादन का लगभग 8 प्रतिशत योगदान देता है और इस क्षेत्र से लगभग 3 करोड़ से अधिक लोग प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।

कार्यक्रम में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे पोंड निर्माण, केज कल्चर, मोती पालन, खारे पानी में झींगा पालन, बायो फ्लॉक तकनीक एवं रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अंत में विश्व मात्स्यिकी दिवस से संबंधित प्रचार सामग्री का वितरण कर प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।