8 माह के संघर्ष के बाद मिला न्याय, बॉम्बे कॉटेज कंपनी ने दी 7 लाख की आर्थिक सहायता

मरुधर हिंद न्यूज (रमेशचंद) नीमराना उपखंड के ग्राम शाहजहांपुर से  बॉम्बे कॉटेज घिलोठ कंपनी में हाउसकीपिंग कर्मचारी श्याम वाल्मीकि की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिजनों को 8 माह तक न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ा। मंगलवार को कंपनी के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन के बाद कंपनी प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को 7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई।

श्याम वाल्मीकि 28 अप्रैल 2025 को ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। इलाज के दौरान 12 दिसंबर 2025 को जयपुर स्थित निम्स अस्पताल में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने विधायक ललित यादव, भीम आर्मी प्रदेश उपाध्यक्ष राजस्थान सुरेंद्र मेहरा और वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कंपनी से आर्थिक सहायता की मांग की।

धरना-प्रदर्शन में सरपंच विद्यासागर यादव, जिला पार्षद वेदप्रकाश खबरी, एमपीएस ऋषिराज यादव, शैतान सिंह मीणा, अनिल वाल्मीकि, शुभम कौशिक, लखन वाल्मीकि, नेमी सैन, प्रदीप और सैकड़ों लोग शामिल हुए। जिला पार्षद वेदप्रकाश खबरी ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकार और सम्मान से जुड़ा है। समय रहते न्याय मिलना जरूरी है।

कंपनी प्रबंधन ने एचआर अधिकारी प्रदीप ठाकरान और प्लांट हेड धीरेंद्र शर्मा के माध्यम से मृतक परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग पर सहमति जताई। धरने के बाद कंपनी द्वारा सहायता पर सहमति जताए जाने से परिजनों को कुछ राहत मिली है।