कोटपूतली।




दीवान होटल में बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेज की ओर से रविवार को भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को दुपट्टा पहनाकर, माल्यार्पण कर, मेडल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ और जोश ने इसे अविस्मरणीय बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण ने कहा कि शिक्षा से ही समाज और देश प्रगति करता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार विश्नोई ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया आज सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, इसलिए युवाओं को चाहिए कि वे इससे सतर्क रहें और अपने कैरियर को गलत दिशा में न ले जाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे और अपराध जैसी प्रवृत्तियों से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
बियानी कॉलेज के निदेशक संजय बियानी ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं बल्कि जीवन को जीने की कला सिखाती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को विश्वास और साहस के साथ चुनौतियों का सामना करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने का संदेश दिया। भाजपा नेता व समाजसेवी मुकेश गोयल ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान समाज को ऊर्जा और नई दिशा देने का काम करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष और ईमानदारी के मार्ग पर चलकर ही सच्ची सफलता पाई जा सकती है।
पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राएं भी आज बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रामसिंह यादव ने शिक्षा को जीवन का आधार बताते हुए सभी प्रतिभाओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। संत मंगलदास ने आशीर्वचन देकर बच्चों को संस्कारों व आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
मंच संचालन एडवोकेट विकास जांगल ने किया। कार्यक्रम से पूर्व दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया। वहीं विभिन्न समाजों की ओर से बियानी कॉलेज के निदेशक संजय बियानी का भी सम्मान किया गया, जिनमें अग्रवाल समाज के अध्यक्ष योगेश शरण, ब्राह्मण समाज के बजरंग लाल शर्मा किशोरी नेता और यादव समाज के रामकरण यादव सहित अनेक समाज प्रतिनिधि मौजूद रहे।
समारोह में सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राओं की खुशी देखते ही बनती थी। मंच पर बुलाकर उन्हें सम्मानित किया गया तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। शिक्षकों को भी उनके मार्गदर्शन और समाज निर्माण में योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी दोनों मिलकर शिक्षा की वह ज्योति प्रज्वलित करते हैं, जो समाज और राष्ट्र को उजाला देती है।
Report -seetaram gupta (kotputli)





