मधु किन्नर ने बदली किन्नर समाज की तस्वीर: बधाई को बनाया सेवा का माध्यम

समाज में किन्नर समुदाय को अक्सर गलत धारणाओं के कारण नकारात्मक दृष्टि से देखा जाता है। लेकिन नीमराना और मुंडावर क्षेत्र में किन्नर समाज की मुखिया मधु किन्नर ने इस धारणा को बदलने का काम किया है। मधु किन्नर अपनी टीम के साथ विवाह, कुआं पूजन और अन्य शुभ अवसरों पर पहुंचकर केवल लोगों की हैसियत के अनुसार स्वेच्छा से दी गई दक्षिणा स्वीकार करती हैं।

बधाई राशि का उपयोग समाजहित में

मधु किन्नर की टीम में करीब 25 से 30 लोग हैं, जिनका पालन-पोषण भी इसी आय से होता है। खास बात यह है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा समाजहित में खर्च किया जाता है। अब तक लगभग 50 वाटर कूलर गौशालाओं और सार्वजनिक स्थलों पर लगवाए गए हैं। गरीब परिवारों की बेटियों की शादियों में आर्थिक सहयोग और सामग्री उपलब्ध करवाई गई है। प्रतिभावान बेटियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी मधु किन्नर ने उठाई है।

समाजहित में योगदान का संदेश

मधु किन्नर का कहना है कि बधाई राशि को फिजूलखर्ची या व्यक्तिगत ऐशो-आराम पर खर्च करने के बजाय समाजहित में लगाना ही असली धर्म है। उनका यह संदेश भी है कि लोग शादी-ब्याह जैसे अवसरों पर शराब और फिजूलखर्ची पर पैसा बर्बाद करने के बजाय सामाजिक सेवा में योगदान दें।

सकारात्मक बदलाव का स्तंभ

मधु किन्नर की पहल ने साबित कर दिया है कि यदि सही नीयत और सोच हो तो किन्नर समाज भी समाज में सकारात्मक बदलाव का मजबूत स्तंभ बन सकता है।