मरुधर हिंद न्यूज (रमेशचंद) नीमराना उपखंड मुख्यालय पर आज अधिवक्ताओं की हड़ताल 27 वें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने एसडीएम साहब को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है ज्ञापन मे बताया गया है की न्यायालय की कमी के कारण आमजन और उद्योगपतियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में यहां केवल सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय और ग्राम न्यायालय संचालित है, जबकि अपीलीय न्यायालय बहरोड में है, जो नीमराना से लगभग 60-70 किलोमीटर दूर है।

नीमराना औद्योगिक क्षेत्र में विश्व के मानचित्र पर दर्शित है, जिसमें जापानी जोन, कोरिया जोन, नीमराना औद्योगिक क्षेत्र, घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र, डावडवास औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं। यहां 22 निजी व सरकारी बैंक, कई आधुनिक सुविधाओं से युक्त निजी व राजकीय विद्यालय, निजी एवं सार्वजनिक अस्पताल संचालित हैं।

नीमराना उपखंड के अन्तर्गत तीन पुलिस थाने क्रमशः नीमराना, शाहजहांपुर एवं माढ़ण आते हैं, जिनमें लगभग हर वर्ष 2000 प्राथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होती है। आमजन की मांग है कि नीमराना नगरपालिका में अपीलीय न्यायालय की स्थापना की जाए और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायालय खोला जाए, ताकि समय पर न्याय मिल सके और जनता के समय एवं धन की बर्बादी रुके।
अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
नीमराना बार संघ के अध्यक्ष एडवोकेट उदयसिंह यादव ने बताया कि नीमराना उपखंड मुख्यालय होने के बावजूद यहां केवल सिविल न्यायालय एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संचालित हैं, जबकि उपखंड के अंतर्गत 84 गांव आते हैं। ऐसे में अपीलीय प्रकरणों के लिए क्षेत्रवासियों को करीब 60 से 70 किलोमीटर दूर बहरोड़ जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।
अधिवक्ताओं ने मांग की है कि नीमराना नगरपालिका क्षेत्र में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय तथा अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर त्वरित एवं सुलभ न्याय मिल सके।





