मरुधर हिंद न्यूज (रमेशचंद्र) नीमराना। शनिवार को कस्बे के संदर्भ कक्ष, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नीमराना के तबेला परिसर में दिव्यांग विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक दिवसीय प्रथम अभिभावक परामर्शदात्री कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य करम सिंह यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया।

फिजियोथैरेपी और स्पीच थैरेपी के महत्व को समझाया
ब्लॉक समावेशित शिक्षा प्रभारी सुनील कुमार एवं कृष्ण कुमार मीना ने बताया कि नीमराना परिक्षेत्र के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 40 दिव्यांग विद्यार्थियों को समावेशित शिक्षा के तहत फिजियोथैरेपी प्रदान की गई। फिजियोथेरपिस्ट डॉ. राहुल बावलिया और स्पीच थैरेपिस्ट डॉ. भावना कालरा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को थैरेपी के महत्व और इसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी।

दिव्यांग विद्यार्थियों को सहयोग की आवश्यकता
प्रधानाचार्य करम सिंह यादव ने अभिभावकों को प्रेरित करते हुए कहा कि उनके सहयोग से दिव्यांग विद्यार्थी समाज की मुख्यधारा में आसानी से जुड़कर अपना और क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्लॉक में नियुक्त विशेष शिक्षकों को केवल दिव्यांग बच्चों के लिए ही समर्पित रखा जाए, ताकि बच्चे पूरी तरह शिक्षा और समावेशित गतिविधियों से लाभान्वित हो सकें। दक्ष प्रशिक्षक गजानंद शर्मा और कमल सिंह ने भी अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि इन बच्चों को दया नहीं—सहयोग, सकारात्मक वातावरण और अवसरों की आवश्यकता है।





