

जयपुर, 17 जनवरी।
राष्ट्रमंडल देशों के 40 देशों से आए 120 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान विश्वविख्यात आमेर महल का भ्रमण किया। आमेर दुर्ग की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य भव्यता ने सभी विदेशी प्रतिनिधियों को गहराई से प्रभावित किया।
आमेर महल पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाजों के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। लोक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि, पारंपरिक परिधान और राजस्थानी संस्कृति की जीवंत झलक ने अतिथियों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षित पर्यटक गाइड द्वारा प्रतिनिधियों को आमेर महल के गौरवशाली इतिहास, राजपूतकालीन स्थापत्य कला और सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, गणेश पोल, 27 कचहरी, मुगल गार्डन तथा मान सिंह महल सहित प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया।
शीश महल की अद्वितीय कारीगरी और शीशों की नक्काशी देखकर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य विशेष रूप से अभिभूत नजर आए। शीश महल से मावठा सरोवर और केसर क्यारी बाग का दृश्य देखकर कई प्रतिनिधियों ने आमेर महल को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बताया।
उल्लेखनीय है कि यह संसदीय प्रतिनिधिमंडल 17 एवं 18 जनवरी को जयपुर के दो दिवसीय प्रवास पर है। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रमंडल देशों की विभिन्न विधायिकाओं के अध्यक्ष, सांसद तथा वरिष्ठ संसदीय अधिकारी शामिल हैं। जयपुर आगमन पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी द्वारा किया गया।
जयपुर प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल द्वारा शहर के अन्य ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक स्थलों के भ्रमण का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिससे राजस्थान की समृद्ध परंपरा और विकासशील दृष्टिकोण से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और अधिक परिचित हो सकेंगे।





