जयपुर, 2 अगस्त।
राजस्थान विश्वविद्यालय के रसायन विभाग में रैगिंग की घटनाओं के खिलाफ शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जोरदार प्रदर्शन किया। एबीवीपी के पदाधिकारियों ने बताया कि विभाग में करीब 35 नवप्रवेशित छात्रों को मानसिक उत्पीड़न और डराने-धमकाने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया।
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष विष्णु मीणा ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में रैगिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि दोषियों पर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो परिषद बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी। मीणा ने बताया कि बीते कुछ दिनों से फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों के साथ रैगिंग की जा रही थी और शुक्रवार को जब कार्यकर्ता विभाग पहुंचे तो रैगिंग की घटनाएं जारी थीं। जब कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया, तो विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन पर दबाव बनाया गया और डराने की कोशिश की गई।
एबीवीपी इकाई मंत्री धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि विभाग की एक प्रोफेसर का रुख भी बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा। उन्होंने कहा, “प्रोफेसर ज्योति शर्मा का कहना है कि अगर किसी से डांस करवा लिया गया तो कौन सी बड़ी बात हो गई। जबकि डराकर, धमकाकर कुछ भी करवाना रैगिंग की श्रेणी में आता है। यदि उनके परिवार के किसी छात्र के साथ ऐसा होता, तो शायद उन्हें इसकी गंभीरता का अहसास होता।”
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पीड़ित छात्रों ने रसायन विभाग परिसर में विरोध जताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मामले को नजरअंदाज किया गया, तो यह आंदोलन और भी व्यापक रूप ले सकता है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की अपील की।
REPORT-SEETARAM GUPTA(KOTPUTLI)





