वाइल्डलाइफ क्राइम पर बूंदी पुलिस का शिकंजा

  • नीलगायों का शिकार कर दहशत फैलाने वाले दो आरोपी डिटेन, मोबाइल वीडियो से हुआ खुलासा

जयपुर 26 अक्टूबर। बूंदी जिले के करवर थाना क्षेत्र में नीलगायों के निर्मम शिकार के बाद उपजे तनाव और ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को डिटेन किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक बून्दी राजेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि यह घटना करवर क्षेत्र के ग्राम कल्मिया और जरखोदा के खेतों में 18 और 22 अक्टूबर की रात को हुई थी। शिकारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर नीलगायों का शिकार किया। कल्मिया में 18-19 अक्टूबर की रात और जरखोदा में 21-22 अक्टूबर की रात 4-4 जगहों पर मृत जानवरों के अवशेष मिले, जिनमें जानवरों के सिर और पैर मौके पर पाए गए, जो सिर में गोली मारकर शिकार किए जाने की पुष्टि करते हैं। इस निर्मम शिकार के बाद वन रेंज इंद्रगढ़ और नैनवां में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए थे।
घटना की गंभीरता और ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बूंदी एसपी मीणा ने तुरंत अपराधियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा और वृताधिकारी नैनवां राजू लाल मीणा के पर्यवेक्षण तथा थाना करवर प्रभारी राजेन्द्र सिंह और उनकी टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया।
तकनीकी साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के आधार पर आज रविवार को घटना में लिप्त दो आरोपियों को डिटेन कर लिया गया।
मोबाइल वीडियो बना अहम सबूत:
डिटेन किए गए आरोपियों के कब्जे से मिले मोबाइल फोन में नीलगायों को दौड़ाकर उनका शिकार करते हुए का वीडियो मिला है, जो इस जघन्य अपराध में उनकी संलिप्तता का सबसे अहम सबूत है। डीसीआरबी सैल बून्दी के प्रभारी टिकम चंद राठौर की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने आरोपियों को चिन्हित कर घटना का खुलासा करने में महत्वपूर्ण सहयोग किया।
पुलिस टीम अब घटना में प्रयुक्त काले रंग की थार और एक अन्य पुरानी थार जीप, साथ ही घटना में प्रयुक्त हथियारों की तलाश कर रही है। डिटेन किए गए दोनों आरोपियों को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए वन विभाग के सुपुर्द किया जाएगा, क्योंकि वे वन्य विभाग के प्रकरणों में वांछित हैं।
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