तिजोरी काटने वाले अंतर्राज्यीय नकबजन दबोचे: 1100 CCTV फुटेज खंगालकर चूरू पुलिस को मिली ये सफलता

  • हरियाणा के दो कुख्यात अपराधी सलाखों के पीछे, वारदात में प्रयुक्त अल्टो कार भी बरामद

जयपुर 26 नवंबर। चूरू जिले के सालासर थाना क्षेत्र में स्थित राजस्थान ग्रामीण बैंक शोभासर में हुई नकबजनी की वारदात को सुलझाने में जिला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में हरियाणा के दो बदमाशों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है।
एसपी जय यादव ने बताया कि 18 नवंबर की रात को अज्ञात बदमाशों ने बैंक के ताले तोड़कर प्रवेश किया और कटर मशीन का उपयोग कर तिजोरी को काट डाला। तिजोरी से लगभग 2,01,610 रुपये की नकदी चोरी कर अपराधी फरार हो गए थे। सालासर थानाधिकारी सुभाष बिश्नोई ने वारदात की गंभीरता को देखते हुए स्वयं अनुसंधान शुरू किया।
1100 फुटेज का विश्लेषण
वारदात को अंजाम देने वाले शातिर अपराधियों तक पहुंचने के लिए एजीटीएफ टीम चूरू और सालासर पुलिस की टीमों ने दिन-रात एक कर दिया। इस हाई-टेक जांच में पुलिस टीमों ने घटनास्थल से 300 किलोमीटर के दायरे में लगे करीब 1100 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के गहन विश्लेषण से संदिग्धों और वारदात में प्रयुक्त अल्टो कार के नंबरों की पहचान संभव हो पाई। इस तकनीक आधारित कार्य के बाद पुलिस ने राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के परिणामस्वरूप मंगलवार 25 नवंबर को इस घटना में शामिल दो अंतर्राज्यीय नकबजनों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय उर्फ घोटिया (25) और बिटू (34) के रूप में हुई है, जो दोनों हरियाणा के जींद जिले के उचाना थाना क्षेत्र के करसिंधु गांव के निवासी हैं। पुलिस ने वारदात में आने-जाने के लिए उपयोग की गई अल्टो कार को भी बरामद कर लिया है। अजय उर्फ घोटिया के खिलाफ विभिन्न राज्यों में चोरी, नकबजनी, लूट और मारपीट सहित कुल 09 आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज हैं।
गिरफ्तार दोनों अपराधियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से पुलिस ने 5 दिन का पीसी रिमांड हासिल किया है। पुलिस अब उनसे चोरी किए गए शेष रुपयों, तिजोरी काटने में इस्तेमाल की गई कटर मशीन और इस नेटवर्क में शामिल अन्य अपराधियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। यह सफलता सहायक पुलिस अधीक्षक राजगढ अभिजित पाटील प्रभारी एजीटीएफ और उनकी टीम के बेहतरीन समन्वय और तकनीकी कौशल का परिणाम है।
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