जयपुर में पुलिस का बड़ा ऑपरेशन ‘व्रज प्रहार’, 327 अपराधी गिरफ्तार — 1074 ठिकानों पर एक साथ दबिश

जयपुर। शहर में बढ़ते चैन, पर्स व मोबाइल स्नैचिंग सहित आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शनिवार को एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस आयुक्त श्री सचिन मित्तल के आदेश तथा विशेष पुलिस आयुक्त श्री राहुल प्रकाश के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन “व्रज प्रहार” के तहत पूरे शहर में एक साथ दबिश दी गई।

अभियान के दौरान चारों जिलों—जयपुर पूर्व, पश्चिम, उत्तर व दक्षिण—के सभी पुलिस उपायुक्तों, वृताधिकारियों, थानाधिकारियों, सीएसटी/डीएसटी टीमों और थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से 1074 ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई अत्यंत गोपनीय और संगठित तरीके से की गई ताकि अपराधी सतर्क न हो सकें।

पहले चिन्हिकरण, फिर बड़े स्तर पर दबिश
पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्री अभिजीत सिंह और अति. पुलिस उपायुक्त संगठित अपराध श्री श्रीमन लाल मीणा की टीमों ने पिछले कुछ समय से स्नैचिंग के चालानशुदा अपराधियों की पहचान, गतिविधियों की निगरानी और आसूचना संकलन किया था। इसी आधार पर चारों डीसीपी—पूर्व के श्री संजीव नैन, पश्चिम के श्री हनुमान मीणा, उत्तर के श्री करण शर्मा और दक्षिण के श्री राजर्षि राज—ने दबिश और गिरफ्तारी अभियान को अंजाम दिया।
1074 ठिकानों पर तलाशी, 327 अपराधी गिरफ्तार
संयुक्त दबिश अभियान में पुलिस ने शहर के चुनिंदा आपराधिक ठिकानों की तलाशी लेते हुए कुल 327 अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें कई अपराधी लंबे समय से फरार थे।

गिरफ्तारियों का विभाजन इस प्रकार रहा:

आर्म्स एक्ट – 13
आबकारी अधिनियम – 21
एनडीपीएस एक्ट – 13
अन्य एक्ट – 03
पूर्व के प्रकरणों में गिरफ्तार – 51
धारा 129 BNSS – 20
धारा 170 BNSS – 222
धारा 126/135(3) BNSS – 05
धारा 141 BNSS – 01
स्थाई / गिरफ्तारी वारंट – 21
जब्त संदिग्ध वाहन – 43
अभियान से अपराधियों में फैली दहशत
पुलिस की इस व्यापक और समन्वित कार्रवाई ने जयपुर शहर के आपराधिक तंत्र में हलचल मचा दी है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे और शहर में अपराध को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।