

जयपुर दक्षिण पुलिस ने रेलवे भर्ती बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने डमी अभ्यर्थी ऋषभ रंजन उर्फ रिशभ रंजन और उसके सहयोगी गौतम कुमार उर्फ गोटी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) श्री राजर्षि राज, आईपीएस ने बताया कि 10 दिसंबर 2025 को सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्र पर रेलवे ग्रुप-डी परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक जांच में एक अभ्यर्थी का चेहरा मूल उम्मीदवार से मैच नहीं हुआ। जांच में सामने आया कि ऋषभ रंजन, अभ्यर्थी अभिषेक मीना के स्थान पर डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने पहुंचा था। उसके पास अभिषेक मीना का एडमिट कार्ड व पहचान पत्र भी मिले।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गौतम कुमार उर्फ गोटी इस तरह के डमी कैंडिडेट तैयार कर परीक्षा दिलाने का काम करता है। वह एक परीक्षा के लिए 30 हजार रुपये एडवांस और परीक्षा के बाद 1 लाख 25 हजार रुपये लेता था। पुलिस ने उसके पास से 31,250 रुपये बरामद किए हैं। आरोपी गौतम कुमार बिहार और उत्तर प्रदेश में करीब 10 भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट के रूप में शामिल हो चुका है और पूर्व में जयपुर के कानोता क्षेत्र में भी पकड़ा जा चुका है।
इस मामले में थाना सांगानेर सदर में प्रकरण संख्या 949/25 धारा 3, 10 परीक्षा अधिनियम 2024 एवं 319, 61(1) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। डमी कैंडिडेट ऋषभ रंजन को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जबकि गौतम कुमार से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि जयपुर सहित अन्य स्थानों पर किन-किन परीक्षाओं में, किन लोगों की मदद से और किन अभ्यर्थियों के स्थान पर डमी कैंडिडेट बैठाए गए।
पुलिस का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।