एसएमएस अस्पताल ट्रॉमा सेंटर में आग, 6 मरीजों की मौत – मुख्यमंत्री ने जताया दुख, लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई

जयपुर, 6 अक्टूबर। राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (एसएमएस) के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात करीब 11:30 बजे लगी आग में 6 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हुए। बताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी, लेकिन फायर फाइटिंग सिस्टम के खराब होने और प्रशासन की लापरवाही ने हालात को भयावह बना दिया। देखते ही देखते न्यूरोसर्जरी आईसीयू में धुआं फैल गया और अफरातफरी मच गई।

मृतकों में पिंटू, दिलीप, श्रीनाथ, रुक्मणी, बहादुर और कुसुमा शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिजन खुद मरीजों को बाहर निकालते रहे क्योंकि अस्पताल स्टाफ मौके से गायब था।

हादसे की सूचना पर फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। एफएसएल टीम ने भी जांच शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा देर रात करीब 2:30 बजे अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना जताई और प्रत्येक मृतक के परिवार को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। सीएम ने इस हादसे को “बेहद दुखद और अस्वीकार्य” बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी और ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ को हटा दिया है। अधिशाषी अभियंता मुकेश सिंघल को निलंबित किया गया है। साथ ही फायर सेफ्टी का कार्य संभाल रही एस.के. इलेक्ट्रिक कंपनी की निविदा निरस्त कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने आयुक्त इक़बाल खान की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने भी अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण किया और कहा कि “दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”

सरकार ने डॉ. मृणाल जोशी को एसएमएस अस्पताल का नया अधीक्षक और बी.एल. यादव को ट्रॉमा सेंटर का नया प्रभारी नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे के बाद अपनी दिल्ली यात्रा स्थगित कर दी और मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।