अगर 2 दिन और ऐसी बरसात हुई तो मांचवा इलाके में हालात बेकाबू हो जाएंगे। नदियों-नालों के बहाव क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण मौत का

जाल साबित हो सकते हैं। जो लोग लालच और लापरवाही में बहाव क्षेत्र पर कब्जा कर बैठे हैं, वे आने वाले समय में अपनी और दूसरों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। प्रकृति बार-बार चेतावनी दे रही है, जल का असली रास्ता मत रोको, वरना वह अपने मार्ग खुद बनाएगा और तब तबाही तय है। प्रशासन को तुरंत इन अतिक्रमणों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी, वरना भारी बारिश जनहानि और भीषण आपदा में बदल सकती है। समय रहते चेतना ही असली सुरक्षा है।
👉अगर यह बात सत्य है तो इस पर गंभीरता से गौर करें, अगर गलत है तो इसे नजरअंदाज करें।
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