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चूरू पुलिस का बड़ा खुलासा: रतनपुरा डकैती और गैंगरेप की मास्टरमाइंड महिला गिरफ्तार

  • हरियाणा से दबोची गई मुख्य साजिशकर्ता विमला बावरी; अपने ही दत्तक पुत्र के साथ मिलकर रची थी साजिश

जयपुर 21 जुलाई। चूरू जिले के रतनपुरा गांव में 29 और 30 जून की दरमियानी रात हुई डकैती और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के मामले में चूरू पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस जघन्य अपराध की मुख्य साजिशकर्ता विमला बावरी पत्नी धर्मेंद्र सिंह (45) निवासी रामपुरा शहर, भठिंडा, पंजाब को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में कुल गिरफ्तार अभियुक्तों की संख्या पाँच हो गई है।
एसपी जय यादव ने बताया कि 29-30 जून की रात को चूरू के रतनपुरा गांव की रोही में दो ढाणियों को अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने निशाना बनाया था। अपराधियों ने न केवल डकैती की वारदात को अंजाम दिया बल्कि सामूहिक दुष्कर्म जैसी संगीन घटना को भी अंजाम दिया था, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी।
एसपी यादव के नेतृत्व में इस मामले को सुलझाने के लिए विशेष प्राथमिकता दी गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरीलाल और वृत्ताधिकारी राजगढ़ रोहित सांखला के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी राजगढ़ राजेश कुमार द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
यह टीम घटना के तुरंत बाद से ही लगातार कड़ी मेहनत कर रही थी। अपनी कुशल कार्यशैली और तकनीकी व आसूचना आधारित जांच के दम पर राजगढ़ पुलिस ने 18 जुलाई को इस वारदात में शामिल चार मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की थी।
गिरफ्तार किए गए चार अभियुक्तों से की गई प्रारंभिक पूछताछ और अन्य स्रोतों से प्राप्त महत्वपूर्ण आसूचनाओं के आधार पर पुलिस को इस जघन्य वारदात की मुख्य साजिशकर्ता विमला बांवरी का पता चला। पुलिस ने तुरंत हरियाणा में दबिश दी और विमला बावरी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ और अनुसंधान से यह खुलासा हुआ है कि पूर्व में गिरफ्तार किए गए चार अभियुक्तों में से संजय कुमार मास्टरमाइंड विमला बांवरी का दत्तक पुत्र है। विमला बावरी ने ही अपने दत्तक पुत्र संजय के साथ मिलकर घटना से एक दिन पहले पीड़ित के घर की रेकी की थी। इसके बाद उसी ने इस पूरी वारदात की साजिश रची थी।
इस जटिल मामले को सुलझाने और मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार करने में एसएचओ राजेश कुमार, हैड कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल संदीप कुमार, महिला कांस्टेबल सुमन एव मुकेश कुमार (डीएसटी) ने अहम भूमिका निभाई।
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