अलवर। (मनोज बेनीवाल)नेता प्रतिपक्ष एवं अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली बोले अधिकारी जनहित के मुद्दों को सुलझाने के बजाय कन्नी काट रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि आज जिला परिषद में आयोजित साधारण सभा की बैठक मजाक बनकर रह गई।
जूली ने बोले लगता है जैसे यह बैठक जयपुर में आयोजित कर लेनी चाहिए थी, क्योंकि ज्यादातर अधिकारी यही बहाना बना रहे हैं। जो अधिकारी आए हैं, वे सभी जूनियर हैं, कोई भी सीनियर अधिकारी मौजूद नहीं है।
उन्होंने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस भेजने के निर्देश दिए साथ ही उपस्थित अधिकारियों की हाजिरी भी दर्ज करवाई।
उन्होंने कहा बैठक में जिला कलेक्टर,एसपी एवं नाही कोई वरिष्ठ अधिकारी है। अधिकारियों की अनुपस्थिति के के कारण आम जनता के काम नहीं हो पा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सीटीएच का सबने विरोध किया है। इसमें बड़े माफिया शामिल है जो कि षडयंत्र रचकर मिलीभगत से सीटीएच को बदलने का प्रयास कर रहे हैं जिसका विपक्ष जन आंदोलन बनाकर गांव गांव ढाणी ढाणी से लेकर दिल्ली तक विरोध करेगा।
सरिस्का के CTH मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष व उनके साथ बड़ी संख्या में पार्षद बैठक का बहिष्कार कर सभागार से बाहर आ गए।
जूली बोले 3 जिले बनने के बाद विश्व पटल पर अपनी विशेष पहचान रखने वाला सरिस्का अलवर की आय का प्रमुख स्रोत है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की सरकार में वन्यजीवों को बचाने के लिए सेव द टाइगर मुहिम चलाई गई जिससे सरिस्का आबाद हुआ आज कुछ लोगों को हाथों में खेलकर यह लोग सरिस्का को बर्बाद करने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की बात यहां सुनी नहीं जा रही है, बोलने के लिए माइक बंद पड़े हैं,जनप्रतिनिधि यहां जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए आते हैं ना कि समोसा खाने।
जूली ने कहा कि पांच जनप्रतिनिधियों को छोड़कर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। यहां 49 पार्षद, 11 विधायक, सांसद व प्रधान हैं। लेकिन अधिकतर नहीं है। सरिस्का का नाश करने पर तुले हुए हैं।
जूली ने ट्रिपिंग, अघोषित कटौती को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
उन्होंने कहा कि विधायक कोष से लाइन शिफ्टिंग का काम होना है जो पिछले लंबे अरसे से बंद पड़ा हुआ है।
उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों से कहा कि जल जीवन मिशन योजना के तहत कार्य धीमी गति चल रहा है जिसकी गति बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि लोगों को सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके।





