*मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की मोबाइल मेडिकल यूनिटें दो दिनों से बंद चार मोबाइल मेडिकल एम्बुलेंस, कड़ाके की ठंड मेंआमजन की बढ़ी परेशानियाँ।*
मरुधर विशेष, करन सोनी
सरगुजा। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत सरगुजा ज़िले में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) की चारों एंबुलेंस अचानक पिछले दो दिनों से बंद होने के कारण स्थानीय निवासियों में गहरी नाराज़गी और चिंता व्याप्त है। वर्षों से चल रही यह सेवा स्लम क्षेत्रों के हज़ारों लोगों के लिए जीवनरेखा साबित हो रही थी, लेकिन अब इसके ठप हो जाने से मरीजों की तकलीफ़ें बढ़ गई हैं।
सरकार द्वारा शुरू की गई इस जनकल्याणकारी योजना के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिटों में डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और लैब तकनीशियन सहित प्रशिक्षित स्टाफ तैनात रहता था। इन यूनिटों के माध्यम से प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाइयाँ, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और तत्काल डायग्नोस्टिक सुविधाएँ सीधे लोगों तक पहुँचाई जा रही थीं। दूरस्थ और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले वे लोग, जिन्हें अस्पताल तक पहुँचने में कठिनाई होती थी, वर्षों से MMU के माध्यम से घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधाएँ प्राप्त कर रहे थे।
पिछले पाँच वर्षों में इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों ने हज़ारों मरीजों का सफल उपचार किया। बुखार, खाँसी-जुकाम जैसे सामान्य रोगों से लेकर ब्लड टेस्ट, शुगर जाँच, आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति तक—MMU ने लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे न केवल लोगों का समय और खर्च बचा, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बड़े स्तर पर बढ़ी।
लेकिन पिछले दो दिनों से सेवाएँ पूरी तरह बंद होने से हालात बिगड़ रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाएँ न मिलने से वृद्धजन, महिलाएँ, बच्चे और दैनिक मज़दूरी करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। छोटी-मोटी बीमारी होने पर भी अब उन्हें दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों तक जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में तो मरीजों को घंटों पैदल चलने की नौबत आ रही है। इससे गंभीर रोगियों के लिए जोखिम और भी बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक सेवा बंद होने की वजह से पिछले कई वर्षों में बनी विश्वास की व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। यह सेवा जहाँ पहले तुरंत मदद का सहारा बन गई थी, वहीं अब इसकी अनुपस्थिति लोगों को फिर से स्वास्थ्य संकट की ओर धकेल रही है।
जनता और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट की सेवाएँ तत्काल बहाल की जाएँ, ताकि ज़रूरी प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएँ फिर से लोगों तक पहुँच सकें और स्लम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा का तंत्र सुचारू रूप से चल सके।





